समीर की स्थापना सूक्ष्मतरंग इंजीनियरी तथा विद्युत-चुम्बकीय इंजीनियरी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास कार्य करने के बृहत शासनादेश से तत्कालीन इलेक्ट्रॉनिकी विभाग,भारत सरकार के अन्तर्गत एक स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला के रूप में हुई थी। यह टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान, मुंबई (टी आई एफ आर) में 1977 में स्थापित विशेष सूक्ष्मतरंग उत्पाद इकाई (एस एम पी यू) की एक प्रशाखा है। समीर, मुंबई की स्थापना 1984 में हुई थी।
तत्कालीन इलेक्ट्रॉनिकी विभाग का विद्युत-चुम्बकीय विज्ञान केंद्र, चेन्नै का 1987 में समीर में विलय हो गया।

समीर कोलकाता केंद्र की स्थापना 1994 में मिलीमीटरतरंग प्रौद्योगिकी में अनुसंधान एवं विकास के लिए हुई।

इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के सी ई मार्किंग हेतु ईएमआई/ईएमसी सुविधाओं में संवर्धन के लिए समीर के नवी मुंबई कैंपस में एक नए केद्र की स्थापना हुई।

विज़न
सूक्ष्मतरंग/आर एफ इलेक्ट्रॉनिकी और विद्युत- चुम्बकीय विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान अभिमुखी अनुप्रयोग में उत्कृष्टता की प्राप्ति।

मिशन
अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियाँ।
प्रौद्योगिकी तथा उपयोगकर्ता से प्रेरित उत्पाद विकास में संलग्न होना।
सक्षमता के क्षेत्र में विशेषज्ञता का विकास।
व्यापार प्रभाग सृजित करना और इसे दीर्घ काल में व्यावसायिक रूप से समर्थ बनाना।
बहु विद्या संस्थान बनना और आर एफ तथा सूक्ष्मतरंग क्षेत्र के लिए विविध अनुप्रयोगों को संपूरित करना।
सक्षमता के क्षेत्र में प्रशिक्षण तथा परामर्श लेना।
अपने जनबल के सतत् प्रशिक्षण से तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी के साथ समगति बनाए रखना।
सभी स्तरों पर समुचित प्राधिकार तथा उत्तरदायित्व से लोगों को सशक्तीकरण कर एक गैर वर्गीकृत संगठन बनना।

गुणवत्ता
समीर विश्व श्रेणी की प्रौद्योगिकी और सेवाएँ प्रदान कर उपयोगकर्ता एजेन्सियों की आवश्यकताओं की पूर्ति के प्रति समर्पित है। सतत विकास तथा टीमवर्क उत्कृष्टता के लिए हमारी कोशिश को मार्गदर्शन करेंगे।

अनुसंधान तथा विकास केंद्र
मुंबई
समीर,मुंबई प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनिकी,चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिकी,राडार आधारित यंत्रीकरण,वायुमंडलीय सुदूर संवेदन तथा मौसम विज्ञान, आर एफ एवं सूक्ष्मतरंग प्रणाली तथा घटक, नैवीगेशनल इलेक्ट्रॉनिकी इत्यादि के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास कार्य कर रहा है। इसके अनुसंधान एवं विकास के बहुत से उत्पाद एवं उप उत्पाद उद्योगों में अनुप्रयोग एवं स्वीकृति पाया है।

चेन्नै
समीर-सी ई एम, चेन्नै विद्युत-चुम्बकीय विज्ञान तथा ऐन्टेना,ईएम आई/ईएमसी, संचार एवं ऊष्मीय प्रबंध के क्षेत्र में अनुसंधान तथा विकास, परामर्श, परीक्षण और मूल्यांकन की सेवाओॆ में कार्यरत है।

कोलकाता
समीर, कोलकाता इन तीन केद्रो में सबसे नया केंद्र है। यह ऐन्टेना, विद्युत-चुम्बकीय विज्ञान, आर एफ/सूक्ष्मतरंग घटक एवं उप प्रणाली के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियों में कार्यरत है।

मील का पत्थर
 समीर अनेक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी के विकास में अग्रगामी रहा है।

इसने विकसित किया है:
  • भारत का पहला एमएसटी राडार जो कि विश्व में दूसरा सबसे बड़ा राडार भी है।
  • कैंसर उपचार के लिए भारत में स्वदेशी रूप से विकसित लिनियर एक्सेलेटर।
  • आर एफ/सक्ष्मतरंग के माध्यम से कपड़ा, खाद्य, सेरामिक,रासायनिक, फर्मा, रबर में अनुप्रयोग के लिए ऊर्जा बचत वाला शुष्कन तथा तापन प्रणाली । 
  • अस्पतालों के खतरनाक अपशिष्टों के लिए सूक्ष्मतरंग विसंक्रमण प्रणाली।
  • कोड डिविजन मल्टिपल एक्सेस [ सीडीएमए] रिसिवर.
  • उपयोगकर्ता एजेन्सी के लिए सूक्ष्मतरंग डेटालिंक प्रणाली।
  • ब्रॉडबैंड स्लीव मोनोपॉल ऐन्टेना।.
  • वायरलेस फ्रिक्यून्सी हॉपिंग यू एच एफ डेटा लिंक।
 इसने स्थापित किया है:
  • ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की डिज़ाइन एवं इंजीनियरी सुविधा के लिए भारत का पहला केंद्र।
  •  अंतरिक्ष इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर विकास के लिए श्रेष्ठ दस हजार स्वच्छ कक्ष सुविधा।
  •  सी ई निर्माण के लिए पूर्णकालिक ईएमआई/ईएमसी परीक्षण तथा मूल्यांकन सुविधा।
  • आर एफ/सूक्ष्मतरंग ऐन्टेना माप सुविधा।
  • ऊष्मीय डिज़ाइन तथा इंजीनियरी सुविधा।
  •  समीर के स्तंभ। 
  • चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिक्स।
  • फोटोनिक्स।
  • ईएमआई/ईएमसी।
  • राडार यंत्रीकरण।
  •  हाई-पॉवर सूक्ष्मतरंग तथा आर एफ प्रणाली एवं घटक।
  •  सूचना प्रौद्योगिकी तथा संचार
  • ईलेक्ट्रॉनिक तथा ऐन्टेना।
  • मिलीमीटर तरंग।
  • ईलेक्ट्रॉनिक पैकेजिंग डिज़ाइन।