प्रायोगिक सूक्ष्मतरंग इलेक्ट्रॉनिकी इंजीनियरी तथा अनुसंधान संस्था- समीर की स्थापना संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ( तत्कालीन इलेक्ट्रॉनिकी विभाग) के द्वारा सूक्ष्मतरंग इलेक्टॉनिकी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए हुई थी। समीर के अन्तर्गत चेन्नै में स्थिति यह विद्युत-चुम्बकीय विज्ञान केंद्र -सी ई एम 1983 से विद्युत-चुम्बकीय व्यतिकरण और संगतता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। हम अनुप्रयुक्त अनुसंधान एवं विकास, डिज़ाइन परामर्श,परीक्षण और प्रशिक्षण में अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं और अनुभवी तथा योग्यता प्राप्त अभियंताओं एवं तकनीशियनों से भारतीय एवं वैश्विक उद्योगों की सेवा करते हैं। प्रदत सेवाओं में ऐसी सेवाएँ भी शामिल हैं जो संचार, ऐन्टेना, इलेक्ट्रॉनिक पैकेजिंग से संबंधित हैं। अपनी ईएमआई-ईएमसी सेवाओं के लिए एन ए बी एल से प्रत्यायित और विभिन्न अन्तरराष्ट्रीय संस्थाओं से मान्यता प्राप्त यह केंद्र अब इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद विकास, उत्पाद परीक्षण, प्रणाली डिज़ाइन एवं विकास के लिए विभिन्न पहलुओं में उद्योगों को सहायता करता है।

मुख्य गतिविधियों के क्षेत्र हैं,

  • ईएमसी अनुसंधान, प्रकाशन,मानकों का विकास तथा परीक्षण विनिर्देशन
  • ईएमआई पूर्वानुमान, विश्लेषण तथा अभिकल्प परामर्श, इलेक्ट्रॉनिकी उत्पाद तथा योगिक का अभिकल्प
  • विद्युत-चुम्बकीय व्यतिकरण तथा सुसंगतता (ईएमआई / ईएमसी )माप
  • संचार प्रणाली नियोजन, तैयारशुदा परियोजनाओं के कार्यान्वयन अभिकल्प
  • ऐन्टेना अभिकल्प, विकास तथा परीक्षण
  • इलेक्ट्रॉनिक शीतलन तथा उष्मीय मूल्यांकन एवं अभिकल्प परामर्श
  • प्रशिक्षण एवं शिक्षण